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Monday, 4 February 2019

नज़रे फेर लेने का मतलब न समझे हम



समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़  समझे  हम..
समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे  हम |


 ख़ामोशी सारी  समझते थे उसकी, जिसके वो दो अलफ़ाज़ न समझे हम |
नज़रे मिलाने से  ना डरे कभी जिससे,  उसी की नज़रे फेर लेने का मतलब न समझे हम....   

Monday, 26 February 2018

हर पल में खुशियां ढूँढो


हर पल में खुशियां ढूँढो, न जाने कब ग़म का सैलाब आ जाये,

जी लो जमकर, न जाने कब वो आखिरी मुक़ाम आ जाये..

न ठहराओ इतना दोषी किसी को कि, तुम्हीं पर इलज़ाम आये,
हाथ मिलाओ सभी से, क्या पता आखिर में किसका कन्धा काम आये... 

जब तक ज़िंदा हो, ऐसे खुश रखते रहो अपने अपनों को,

कि तुम्हारे बाद, तुम्हारे नाम से उनके लबों पे मुस्कान आये..

Tuesday, 19 September 2017

उनकी ज़िन्दगी कैसे बीतती होगी

सोचा है कभी जिनके घर नहीं होते,उनकी ज़िन्दगी कैसे बीतती होगी
दिन तो काट जाता होगा उनका, उनकी रात नहीं कटती होगी।
सोचा है कभी जिनके घर नहीं होते , उनकी ज़िन्दगी कैसे बीतती होगी,

जब तेज रफ़्तार में तुहारी गाड़ी, उनके बहुत करीब से गुज़रती होगी। 
तब उनकी धड़कन आखिरी धड़कन से, ज़रा ही कम  धड़कती होगी 
सोचा है कभी जिनके घर नहीं होते, उनकी ज़िन्दगी कैसे बीतती होगी।

बारिश की ख्वाहिश करते हो हरपल, अरे उनपर तो हर बूँद टपकती होगी,
गीली ज़मीन पर लेते-लेते कैसे उनकी वो रात सिसकती होगी,
सोचा है कभी जिनके घर नहीं होते, उनकी  ज़िन्दगी कैसे बीतती  होगी।।


Wednesday, 30 August 2017

हक़ीकत

हक़ीकत में जीने के लिए, ख्वाबों को कैसे छोड़ दू.... 
ये वही हैं जिसने हक़ीक़त को मुझे तोड़ने से बचाया है... 

Tuesday, 25 July 2017

सावन आया

मुस्कराहट ऐसे खिल उठी जैसे,
सावन आया हो पतझड़ बीतने के बाद... 
गले लगाया हर एक पल को ऐसे ,
जैसे तरस रहे थे कबसे फैलकर सिमटने को हाथ... 

Tuesday, 21 March 2017

मेरी हालत से भी तो बेख़बर तू नहीं

मेरे इश्क़ में कोई कमी रह जाये फिर भी,
तेरे भरोसे में मैं कोई कमी न रखूंगी, ऐ हमसफ़र,.. 
तुझे मुझसे दूर रहना सज़ा  ही लगे मगर,
मेरी हालत से भी तो बेख़बर  तू नहीं... 




Sunday, 5 March 2017

तेरे होने तक चलता रहे फलसफा तेरा

आवाज़ चाहें हो धीमी पर हौसला हो बुलंद तेरा,
कर मेहनत और बना अपना मुकाम कोई ऐसा,
कि तेरे नाम से हो शुरू कहानी तेरी,
दियों तक न सही पर तेरे होने तक चलता रहे फलसफा तेरा... 

नज़रे फेर लेने का मतलब न समझे हम

समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़  समझे  हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे  हम |  ख़ामो...