मेरे इश्क़ में कोई कमी रह जाये फिर भी,
तेरे भरोसे में मैं कोई कमी न रखूंगी, ऐ हमसफ़र,..
तुझे मुझसे दूर रहना सज़ा ही लगे मगर,
मेरी हालत से भी तो बेख़बर तू नहीं...
समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़ समझे हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे हम | ख़ामो...