शर्तों पर अपनी ही जीना आता हो जिसे,
हालातों से लड़ना मुश्किल भी उसी का होता है..
दूसरों के मुताबिक़ तो ज़िन्दगी बिता ही देते हैं हज़ारों,
कभी शिकवा खुदा का, कभी उसकी कुदरत का करते-करते ..
समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़ समझे हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे हम | ख़ामो...
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