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Tuesday, 19 September 2017

उनकी ज़िन्दगी कैसे बीतती होगी

सोचा है कभी जिनके घर नहीं होते,उनकी ज़िन्दगी कैसे बीतती होगी
दिन तो काट जाता होगा उनका, उनकी रात नहीं कटती होगी।
सोचा है कभी जिनके घर नहीं होते , उनकी ज़िन्दगी कैसे बीतती होगी,

जब तेज रफ़्तार में तुहारी गाड़ी, उनके बहुत करीब से गुज़रती होगी। 
तब उनकी धड़कन आखिरी धड़कन से, ज़रा ही कम  धड़कती होगी 
सोचा है कभी जिनके घर नहीं होते, उनकी ज़िन्दगी कैसे बीतती होगी।

बारिश की ख्वाहिश करते हो हरपल, अरे उनपर तो हर बूँद टपकती होगी,
गीली ज़मीन पर लेते-लेते कैसे उनकी वो रात सिसकती होगी,
सोचा है कभी जिनके घर नहीं होते, उनकी  ज़िन्दगी कैसे बीतती  होगी।।


Wednesday, 30 August 2017

हक़ीकत

हक़ीकत में जीने के लिए, ख्वाबों को कैसे छोड़ दू.... 
ये वही हैं जिसने हक़ीक़त को मुझे तोड़ने से बचाया है... 

Tuesday, 25 July 2017

सावन आया

मुस्कराहट ऐसे खिल उठी जैसे,
सावन आया हो पतझड़ बीतने के बाद... 
गले लगाया हर एक पल को ऐसे ,
जैसे तरस रहे थे कबसे फैलकर सिमटने को हाथ... 

Tuesday, 21 March 2017

मेरी हालत से भी तो बेख़बर तू नहीं

मेरे इश्क़ में कोई कमी रह जाये फिर भी,
तेरे भरोसे में मैं कोई कमी न रखूंगी, ऐ हमसफ़र,.. 
तुझे मुझसे दूर रहना सज़ा  ही लगे मगर,
मेरी हालत से भी तो बेख़बर  तू नहीं... 




Sunday, 5 March 2017

तेरे होने तक चलता रहे फलसफा तेरा

आवाज़ चाहें हो धीमी पर हौसला हो बुलंद तेरा,
कर मेहनत और बना अपना मुकाम कोई ऐसा,
कि तेरे नाम से हो शुरू कहानी तेरी,
दियों तक न सही पर तेरे होने तक चलता रहे फलसफा तेरा... 

Thursday, 2 March 2017

लाखों है गवाह ऐसे फसानों के,

जहाँ टूटे हैं दिल नजाने कितने दीवानो के,

संभल कर चलना इन मुश्किल राहो में,

जबाब देने पढ़ते हैं यहां बिना सवालो के.. 


Tuesday, 21 February 2017

हर किसी की आँखों में दिखती नहीं जहाँ हमदर्दी भी,
मैंने तलाशें हैं कई दिल बेशुमार मोहब्बत वाले..

Wednesday, 15 February 2017

दूसरों के मुताबिक़ तो ज़िन्दगी बिता ही देते हैं हज़ारों


शर्तों पर अपनी ही जीना आता हो जिसे,
हालातों से लड़ना मुश्किल भी उसी का होता है.. 
दूसरों के मुताबिक़ तो ज़िन्दगी बिता ही देते हैं हज़ारों,
कभी शिकवा खुदा का, कभी उसकी कुदरत का करते-करते ..

Monday, 6 February 2017

तेरी इबादत होनी चाहिए उसकी क़यामत से पहले

कुछ किया  न करो खुदा  की इबादत से पहले,
नाम  खुदा  का हो तेरी ज़ुबान पर मेहबूब से पहले,
इंतज़ार भी काम आएगा तेरा मुसाफिर,
कि  मूर्ति रंगीन हो नही सकती बनवाट से पहले।।

 वो सब्र  भी देता है शिकायत से पहले,
ना ठुकराना उसे आज़माने से पहले, 
वो चमकाएगा सितारा तेरा घनघोर अँधेरे  में भी ,
बस तेरी इबादत होनी चाहिए उसकी क़यामत से पहले.. 


Sunday, 5 February 2017

ना नींद अपनी होती है ना ख़्वाब अपने होते हैं.. 
जब इश्क़ के मंज़र  से गुज़रता है कोई.. 
आशिक़ के आँखों में ही सोते और अश्क़ो में रोते  हैं... 

Friday, 3 February 2017

उदास लोग अक्सर ज्यादा मुस्कुराया करते हैं

कहा था  किसी ने कि  उदास लोग अक्सर ज्यादा मुस्कुराया करते हैं,
हमने मुस्कुराना छोड़ दिया की कहीं मेरे मुस्कुराने से उसकी फ़िक्र न बढ़ जाये... 
मगर फिर उसी ने कहा की मेरी मुस्कराहट पर पर ही जीते हैं वो,
अब अक्सर हम  झूठी हँसी का इल्ज़ाम  झेला करते हैं..  

Thursday, 2 February 2017

नज़रें उस चिराग की तरह इंतज़ार में हैं..

       नज़रें उस चिराग की तरह इंतज़ार में हैं.. 

 कि बुझने से पहले जिसे जलने की ख्वाहिश है,

ना जाने किस तरह धमेगी  ये मदहोश  हवा...   

कि  आज फिर  इसे एक नया  शौक़  चढ़ा है.. 

Wednesday, 1 February 2017

उन्हें सब्र मेरे दीदार तक का नहीं,
और हम ना जाने कितने जवाब लिए बैठे हैं...
कब कौन-सा सवाल मुझपर इल्ज़ाम बन जाये,
के, हम दर्द भी अपना सिर्फ अपने आप से कहते हैं.. 

Wednesday, 18 January 2017

challenge the challenges

Having challenges in life can enhance your capacity to work, to sustain, to grow. Start enjoying their company to live life with less stress. Otherwise, challenges will overlap your efficiencies. One must have the courage to challenge the challenges; your courage would beat all the challenges.

Tuesday, 17 January 2017

तू ही है मेरा फ़क्र

दर्द भी गुलशन सा महकने लगा है,
             जबसे हर दर्द में  साथ तेरा मिला है,
हर किस्सा और शिक़वा बस तुझ ही से कहा है,  
          तू ही है मेरा  फ़क्र , और तू ही मेरी सना है...

Friday, 13 January 2017

उसे तसव्वुर में लाना मुश्किल है

मेरे हैं अल्फ़ाज़ पर एहसास उसी का है,
मेरी हर हक़ीक़त में ख्याल उसी का है...  
वो रूह है मेरी, और मुझमें हर एक ज़ज़्बात उसी का है.. 
 उसे तसव्वुर में लाना मुश्किल है किसी और का,
          मेरे अश्क़ो और लफ़्ज़ों में छुपा हर राज़ उसका है.. । । 

Monday, 9 January 2017

रूह को सुकूँ मिले

रूह को सुकूँ मिले, जब मुकम्मल तेरा दीदार हो जाये,
नज़रें शर्म में झुकी हैं, नजाने कब वो एक  लम्हा गुलज़ार हो जाये। .. 

नज़रे फेर लेने का मतलब न समझे हम

समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़  समझे  हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे  हम |  ख़ामो...