हर किसी की आँखों में दिखती नहीं जहाँ हमदर्दी भी,
मैंने तलाशें हैं कई दिल बेशुमार मोहब्बत वाले..↝
मैंने तलाशें हैं कई दिल बेशुमार मोहब्बत वाले..↝
समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़ समझे हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे हम | ख़ामो...
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