कहा था किसी ने कि उदास लोग अक्सर ज्यादा मुस्कुराया करते हैं,
हमने मुस्कुराना छोड़ दिया की कहीं मेरे मुस्कुराने से उसकी फ़िक्र न बढ़ जाये...मगर फिर उसी ने कहा की मेरी मुस्कराहट पर पर ही जीते हैं वो,
अब अक्सर हम झूठी हँसी का इल्ज़ाम झेला करते हैं..
समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़ समझे हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे हम | ख़ामो...
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