Translate

Tuesday, 25 July 2017

सावन आया

मुस्कराहट ऐसे खिल उठी जैसे,
सावन आया हो पतझड़ बीतने के बाद... 
गले लगाया हर एक पल को ऐसे ,
जैसे तरस रहे थे कबसे फैलकर सिमटने को हाथ... 

नज़रे फेर लेने का मतलब न समझे हम

समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़  समझे  हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे  हम |  ख़ामो...