मंज़िल मिले ना मिले,
मुझे खुशी मेरी कोशिश की ही रहेगी,
चाहें मिल जायें कितने ही हीरे इन राहों में,
इन आँखों की ख़्वाहिश तेरी कशिश से ही मिटेगी..
समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़ समझे हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे हम | ख़ामो...