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Wednesday, 23 November 2016

waqt

ना शराफत का वक़्त है, 
    ना इबादत वक़्त  है.... 
मेरे दोस्त ये सिर्फ शहादत का वक़्त है । । 

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समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़  समझे  हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे  हम |  ख़ामो...