दर्द भी गुलशन सा महकने लगा है,
जबसे हर दर्द में साथ तेरा मिला है,
हर किस्सा और शिक़वा बस तुझ ही से कहा है,
तू ही है मेरा फ़क्र , और तू ही मेरी सना है...
समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़ समझे हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे हम | ख़ामो...
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