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Thursday, 16 August 2012
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नज़रे फेर लेने का मतलब न समझे हम
समझे थे जिसका हर इशारा, आज उसका ये अंदाज़ समझे हम.. समझ गए थे पहली नज़र में उसकी बेरुखी, बस बेरुखी का हिसाब न समझे हम | ख़ामो...
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आवाज़ चाहें हो धीमी पर हौसला हो बुलंद तेरा, कर मेहनत और बना अपना मुकाम कोई ऐसा, कि तेरे नाम से हो शुरू कहानी तेरी, स दियों तक न सही पर त...
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हर पल में खुशियां ढूँढो, न जाने कब ग़म का सैलाब आ जाये, जी लो जमकर, न जाने कब वो आखिरी मुक़ाम आ जाये.. न ठहराओ इतना दोषी किसी को कि, ...
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शर्तों पर अपनी ही जीना आता हो जिसे, हालातों से लड़ना मुश्किल भी उसी का होता है.. दूसरों के मुताबिक़ तो ज़िन्दगी बिता ही देते हैं हज़ा...

Kaya Baat Hai
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